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त्वरित पुनरावृत्ति: एक पृष्ठ पर राज्य और स्थानीय शासन

राज्य और स्थानीय शासन · त्वरित पुनरावृत्ति · तथ्य-जाँच की तिथि · हम कैसे जाँचते हैं

स्रोतों (नीचे सूचीबद्ध) से AI की मदद से लिखा गया, फिर एक अलग AI से तथ्य-जाँच की गई।

तीनों भाग त्वरित पुनरावृत्ति के लिए संक्षेप में: राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राज्य विधान-मंडल; पंचायतें और पेसा; नगरपालिकाएँ, संघ राज्यक्षेत्र, दिल्ली और विशेष उपबंध, एक तालिका में सार और आठ मिश्रित प्रश्नों के साथ।

भाग 6 प्रत्येक राज्य को संसदीय प्रणाली देता है। राज्यपाल औपचारिक प्रमुख है, जिसे राष्ट्रपति अधिपत्र द्वारा नियुक्त करता है (अनुच्छेद 155), जो कम से कम 35 वर्ष का नागरिक हो, और एक व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है (7वाँ संशोधन, 1956)। राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पाँच वर्ष की पदावधि के लिए पद धारण करता है (अनुच्छेद 156), महाभियोग नहीं होता, पर बी.पी. सिंघल (2010) मनमाने हटाने को रोकता है। शक्तियों में मुख्यमंत्री की नियुक्ति, विधान सभा को आहूत और विघटित करना (अनुच्छेद 174), अध्यादेश (अनुच्छेद 213) और राज्य विधि के विरुद्ध अपराधों के लिए क्षमा (अनुच्छेद 161) शामिल हैं। विधेयक पर राज्यपाल अनुमति दे सकता है, रोक सकता है, धन विधेयक से भिन्न विधेयक लौटा सकता है या राष्ट्रपति के लिए आरक्षित कर सकता है, और उच्च न्यायालय को संकट में डालने वाला विधेयक आरक्षित करना अनिवार्य है (अनुच्छेद 200)।

राज्य और स्थानीय शासन एक नज़र में
स्तरमुख्य अनुच्छेदमुख्य बातें
राज्यपाल153–162, 200, 213राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त; प्रसादपर्यंत पद; अध्यादेश, क्षमा, विधेयक
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद163–167विधान सभा के प्रति उत्तरदायी; 15 प्रतिशत सीमा, न्यूनतम 12
राज्य विधान-मंडल168–212छह राज्यों में परिषद (अनुच्छेद 169); परिषद केवल विधेयक रोकती है
पंचायतें243–243ण73वाँ संशोधन; ग्राम सभा; तीन स्तर; ग्यारहवीं अनुसूची (29)
नगरपालिकाएँ243त–243यछ74वाँ संशोधन; तीन प्रकार; बारहवीं अनुसूची (18)
संघ राज्यक्षेत्र और दिल्ली239–241, 239ककप्रशासकों द्वारा प्रशासन; दिल्ली विधान सभा पुलिस, लोक व्यवस्था, भूमि के बिना
विशेष उपबंध371–371ञविकास बोर्ड, जनजातीय रूढ़िजन्य विधि, स्थानीय आरक्षण

वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के पास है, जो सामूहिक रूप से विधान सभा के प्रति उत्तरदायी है (अनुच्छेद 164)। 91वाँ संशोधन मंत्रिपरिषद को विधान सभा के 15 प्रतिशत तक सीमित करता है, न्यूनतम 12, और 94वाँ संशोधन (2006) छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा में जनजाति कल्याण मंत्री अनिवार्य करता है। अनुच्छेद 163 के अधीन विवेकाधिकार को शमशेर सिंह (1974) और नबाम रेबिया (2016) सीमित रखते हैं। छह राज्यों में विधान परिषद् है, जो विधान सभा के विशेष बहुमत वाले संकल्प के बाद संसद की विधि द्वारा बनाई या समाप्त की जाती है (अनुच्छेद 169)। परिषद विधान सभा की अधिकतम एक-तिहाई, न्यूनतम 40 सदस्यों की होती है, साधारण विधेयक को लगभग चार मास और धन विधेयक को 14 दिन तक रोक सकती है, और उसके पास संयुक्त बैठक का सहारा नहीं है।

पंचायतों की माँग अनुच्छेद 40 में थी, पर मार्ग बलवंत राय मेहता समिति (1957, तीन स्तर), 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में राजस्थान की शुरुआत, अशोक मेहता समिति (1978, दो स्तर), जी.वी.के. राव (1985) और एल.एम. सिंघवी (1986) समितियों, और 1989 में विफल 64वें संशोधन विधेयक से होकर गया। 73वें संशोधन (1992, 24 अप्रैल 1993 से प्रवृत्त) ने भाग 9 और 29 विषयों वाली ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी। इसका ढाँचा: गाँव के सभी मतदाताओं की ग्राम सभा (अनुच्छेद 243क); तीन स्तर, 20 लाख से कम जनसंख्या पर मध्य स्तर वैकल्पिक (अनुच्छेद 243ख); हर पाँच वर्ष प्रत्यक्ष निर्वाचन; अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित स्थान और महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई; और न्यूनतम आयु 21 वर्ष।

राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत और नगरपालिका निर्वाचन कराता है; उसके प्रमुख को राज्यपाल नियुक्त करता है पर हटाया केवल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह जा सकता है (अनुच्छेद 243ट)। राज्य वित्त आयोग हर पाँच वर्ष स्थानीय वित्त का पुनर्विलोकन करता है (अनुच्छेद 243झ), और वास्तविक शक्तियाँ और धन राज्य विधि से आते हैं। भाग 9 अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों पर तथा नागालैंड, मेघालय और मिज़ोरम पर स्वतः लागू नहीं होता (अनुच्छेद 243ड); पेसा, 1996 उसे दस राज्यों के पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों तक विस्तारित करता है, जिसमें ग्राम सभा को मज़बूत शक्तियाँ और अनुसूचित जनजातियों के लिए कम से कम आधे स्थान और अध्यक्षों के सभी पद आरक्षित हैं। कृष्ण मूर्ति (2010) ने अध्यक्षों के पदों के आरक्षण को बरकरार रखा, और विकास किशनराव गवली (2021) ने पिछड़े वर्गों के लिए स्थान आरक्षित करने से पहले तिहरी कसौटी अनिवार्य की।

नगरों को वही ढाँचा 74वें संशोधन (1992, 1 जून 1993 से प्रवृत्त) से मिला: भाग 9क और 18 विषयों वाली बारहवीं अनुसूची। अनुच्छेद 243थ तीन प्रकार की नगरपालिका का नाम लेता है: ग्रामीण से नगरीय में संक्रमणशील क्षेत्र के लिए नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम; औद्योगिक नगरी को इससे बाहर रखा जा सकता है। तीन लाख या अधिक जनसंख्या पर वार्ड समितियाँ अनिवार्य हैं। प्रत्येक जिले की जिला योजना समिति (कम से कम चार-पंचमांश निर्वाचित) ग्रामीण और नगरीय योजनाओं को जोड़ती है, और महानगर योजना समिति (कम से कम दो-तिहाई निर्वाचित) दस लाख या अधिक के क्षेत्रों के लिए है। सहकारी सोसाइटियों पर भाग 9ख (97वाँ संशोधन, 2011) राजेंद्र एन. शाह (2021) के बाद अब केवल बहु-राज्य सोसाइटियों पर लागू है।

आठ क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र हैं, जिनका प्रशासन राष्ट्रपति एक प्रशासक के माध्यम से करता है (अनुच्छेद 239–241); प्रशासक के रूप में कार्य करने वाला पड़ोसी राज्यपाल अपने मंत्रियों से स्वतंत्र होकर कार्य करता है, और संसद उनके लिए किसी भी विषय पर विधि बना सकती है। पुडुचेरी (अनुच्छेद 239क) और जम्मू-कश्मीर (पुनर्गठन अधिनियम, 2019) के विधान-मंडल हैं; द्वीपीय राज्यक्षेत्रों के लिए राष्ट्रपति अनुच्छेद 240 के अधीन विनियम बनाता है। दिल्ली (अनुच्छेद 239कक, 69वाँ संशोधन, 1991) की विधान सभा लोक व्यवस्था, पुलिस या भूमि पर विधि नहीं बना सकती, और उसकी मंत्रिपरिषद दस प्रतिशत तक सीमित है; 2018 और 2023 के राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र मामलों ने उन विषयों के बाहर उपराज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सलाह से बाँधा। अनुच्छेद 371–371ञ विशेष राज्यों में क्षेत्रों और जनजातीय प्रथाओं की रक्षा करते हैं, और उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2023 में अनुच्छेद 370 के 2019 के निरसन को बरकरार रखा।

परीक्षा में ध्यान दें

पुनरावृत्ति

अभ्यास प्रश्न

Q1. राज्य का राज्यपाल पद की शपथ किसके समक्ष लेता है?

  1. राष्ट्रपति
  2. भारत के मुख्य न्यायमूर्ति
  3. राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति
  4. विधान सभा के अध्यक्ष
उत्तर देखें

उत्तर: C. राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति

अनुच्छेद 159 के अधीन शपथ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष ली जाती है। राष्ट्रपति राज्यपाल को नियुक्त करता है पर शपथ नहीं दिलाता; भारत के मुख्य न्यायमूर्ति राष्ट्रपति को शपथ दिलाते हैं; अध्यक्ष की यहाँ कोई भूमिका नहीं है।

Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विधान परिषद को केवल अनुच्छेद 368 के अधीन संशोधन द्वारा समाप्त किया जा सकता है।
2. राज्य विधान-मंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का कोई उपबंध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

उत्तर: B. केवल 2

कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 169 विधान सभा के संकल्प के बाद संसद को साधारण विधि से परिषद समाप्त करने देता है, और ऐसी विधि अनुच्छेद 368 का संशोधन नहीं है। कथन 2 सही है। इसलिए 'केवल 1' और 'दोनों' गलत हैं, और 'न तो 1, न ही 2' कथन 2 की अनदेखी करता है।

Q3. 94वाँ संशोधन निम्नलिखित में से किन राज्यों में जनजाति कल्याण के प्रभारी मंत्री को अनिवार्य करता है?

  1. बिहार, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश
  2. छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा
  3. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
  4. गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा
उत्तर देखें

उत्तर: B. छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा

2006 में संशोधित अनुच्छेद 164(1) छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा का नाम लेता है। बिहार सूची से हटा दिया गया, इसलिए पहला विकल्प गलत है; बाकी दो सूचियों में वे राज्य हैं जिन पर यह परंतुक लागू नहीं होता।

Q4. अनुच्छेद 243ख के अधीन किस जनसंख्या से अधिक न होने वाले राज्य में मध्यवर्ती स्तर की पंचायतें गठित करना आवश्यक नहीं है?

  1. 10 लाख
  2. 20 लाख
  3. 30 लाख
  4. 50 लाख
उत्तर देखें

उत्तर: B. 20 लाख

यह संख्या 20 लाख है। दस लाख भाग 9क के अधीन महानगर क्षेत्र की सीमा है, और 30 लाख तथा 50 लाख भाग 9 में कहीं नहीं हैं।

Q5. पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह भाग 9 को पूर्वोत्तर के छठी अनुसूची क्षेत्रों तक विस्तारित करता है।
2. यह अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायतों के अध्यक्षों के पद अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

उत्तर: B. केवल 2

कथन 1 गलत है: पेसा दस राज्यों के पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों पर लागू है, छठी अनुसूची क्षेत्रों पर नहीं। कथन 2 सही है। इसलिए 'केवल 1' और 'दोनों' गलत हैं, और 'न तो 1, न ही 2' कथन 2 की अनदेखी करता है।

Q6. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I
A. ग्यारहवीं अनुसूची
B. बारहवीं अनुसूची
C. अनुच्छेद 243ट
D. अनुच्छेद 243यङ
सूची II
1. महानगर योजना समिति
2. नगरपालिकाओं के 18 विषय
3. राज्य निर्वाचन आयोग
4. पंचायतों के 29 विषय
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A-4, B-2, C-3, D-1
  2. A-2, B-4, C-3, D-1
  3. A-4, B-2, C-1, D-3
  4. A-3, B-1, C-4, D-2
उत्तर देखें

उत्तर: A. A-4, B-2, C-3, D-1

ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों के 29 विषय, बारहवीं में नगरपालिकाओं के 18 विषय, अनुच्छेद 243ट राज्य निर्वाचन आयोग और अनुच्छेद 243यङ महानगर योजना समिति है। दूसरा विकल्प दोनों अनुसूचियाँ उलट देता है, तीसरा 243ट और 243यङ को, और चौथा कुछ भी सही नहीं मिलाता।

Q7. राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली की विधान सभा निम्नलिखित में से किस पर विधि नहीं बना सकती?

  1. लोक स्वास्थ्य और स्वच्छता
  2. पुलिस
  3. शिक्षा
  4. कृषि
उत्तर देखें

उत्तर: B. पुलिस

अनुच्छेद 239कक लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को संघ के पास रखता है। लोक स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि विधान सभा की पहुँच में हैं, इसलिए वे विकल्प गलत हैं।

Q8. निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद नागालैंड के लिए नागा रूढ़िजन्य विधि और भूमि के स्वामित्व की रक्षा करने वाले विशेष उपबंध रखता है?

  1. अनुच्छेद 370
  2. अनुच्छेद 371क
  3. अनुच्छेद 371छ
  4. अनुच्छेद 371ञ
उत्तर देखें

उत्तर: B. अनुच्छेद 371क

अनुच्छेद 371क नागालैंड के लिए है। अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर से संबंधित था, अनुच्छेद 371छ मिज़ोरम को ऐसी ही सुरक्षा देता है, और अनुच्छेद 371ञ कर्नाटक के हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र से संबंधित है।

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