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त्वरित पुनरावृत्ति: एक पृष्ठ पर मुद्रा और बैंकिंग

मुद्रा और बैंकिंग · त्वरित पुनरावृत्ति · तथ्य-जाँच की तिथि · हम कैसे जाँचते हैं

स्रोतों (नीचे सूचीबद्ध) से AI की मदद से लिखा गया, फिर एक अलग AI से तथ्य-जाँच की गई।

मुद्रा और बैंकिंग के दोनों भाग त्वरित पुनरावृत्ति के लिए संक्षेप में: मुद्रा और नोट निर्गम, M0 से M4, ऋण सृजन और गुणक, सीआरआर और एसएलआर, बैंकों के प्रकार और राष्ट्रीयकरण, निक्षेप बीमा, एनपीए और वसूली कानून, और प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार, एक तालिका में सार और आठ मिश्रित प्रश्न।

मुद्रा वह है जो भुगतान में सामान्यतः स्वीकार की जाती है; यह वस्तु-विनिमय में आवश्यकताओं के दोहरे संयोग की ज़रूरत समाप्त करती है और विनिमय का माध्यम, लेखे की इकाई, मूल्य का संचय और स्थगित भुगतान का मानक है। नोट आदेशात्मक मुद्रा और वैध मुद्रा हैं: आरबीआई अधिनियम, 1934 की धारा 22 के अंतर्गत बैंक नोट केवल आरबीआई जारी करता है, जबकि सिक्के और ₹1 का नोट सरकार सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 के अंतर्गत जारी करती है। बैंक जमाएँ भी मुद्रा हैं, पर वैध मुद्रा नहीं।

आरक्षित मुद्रा (M0) प्रचलन में मुद्रा तथा आरबीआई के पास बैंकों की और अन्य जमाओं का योग है; यह वह मौद्रिक आधार है जिसे आरबीआई सबसे सीधे नियंत्रित करता है। 1977 की मापें जनता की मुद्रा चरणों में जोड़ती हैं: M1 (जनता के पास मुद्रा, माँग जमाएँ, आरबीआई के पास अन्य जमाएँ) संकीर्ण मुद्रा है; M2 डाकघर बचत जमाएँ जोड़ती है; M3, अर्थात M1 और बैंकों की मीयादी जमाएँ, व्यापक मुद्रा और मुख्य माप है; M4 डाकघर की सभी जमाएँ जोड़ती है। M1 से M4 की ओर तरलता घटती है। वाई.वी. रेड्डी की अध्यक्षता वाले 1998 के कार्य समूह ने NM1–NM3 और चलनिधि समुच्चय L1–L3 जोड़े।

बैंक ऋण सृजन से मुद्रा बनाते हैं: वे हर जमा का एक अंश आरक्षित रखते हैं और शेष उधार देते हैं, जो नई जमाओं के रूप में लौटता है। सैद्धांतिक सीमा जमा को आरक्षित अनुपात से भाग देने पर मिलती है। मुद्रा गुणक, अर्थात M3 बटा M0, तब घटता है जब आरक्षित अनुपात बढ़ता है या जनता अधिक नकदी रखती है। आरक्षित नकदी निधि अनुपात (आरबीआई अधिनियम धारा 42) आरबीआई के पास नकद शेष है जिस पर ब्याज नहीं मिलता और 2006 से उसकी कोई निचली या ऊपरी सीमा नहीं है; नवंबर 2025 तक इसे एनडीटीएल के 3 प्रतिशत तक घटाया गया। सांविधिक चलनिधि अनुपात (बैंककारी विनियमन अधिनियम धारा 24) बैंक स्वयं नकदी, सोने और अनुमोदित प्रतिभूतियों में रखता है, इसकी ऊपरी सीमा 40 प्रतिशत है और 2007 से कोई निचली सीमा नहीं, और अप्रैल 2020 से यह 18 प्रतिशत है।

एक नज़र में मुद्रा और बैंकिंग
विषयमुख्य तथ्यकानूनी या आधिकारिक आधार
बैंक नोटकेवल आरबीआई जारी करता है; सिक्के और ₹1 का नोट सरकारआरबीआई अधिनियम धारा 22; सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011
M0 / M1 / M3आरक्षित मुद्रा / संकीर्ण मुद्रा / व्यापक मुद्राआरबीआई कार्य समूह, 1977 और 1998
सीआरआरआरबीआई के पास नकदी, ब्याज नहीं; एनडीटीएल का 3%आरबीआई अधिनियम धारा 42
एसएलआरबैंक के पास नकदी, सोना, अनुमोदित प्रतिभूतियाँ; 18%, ऊपरी सीमा 40%बैंककारी विनियमन अधिनियम धारा 24
एनपीए90 दिनों से अधिक अतिदेयआरबीआई विवेकपूर्ण मानदंड
निक्षेप बीमाहर बैंक में प्रति जमाकर्ता ₹5 लाखडीआईसीजीसी अधिनियम, 1961
प्राथमिकता क्षेत्रघरेलू बैंकों के लिए एएनबीसी या सीईओबीई का 40%आरबीआई मास्टर निदेश, 2025

आरबीआई बैंकों को बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के अंतर्गत विनियमित करता है; अनुसूचित बैंक वह है जो आरबीआई अधिनियम की दूसरी अनुसूची में है। वाणिज्यिक बैंक सार्वजनिक, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण, लघु वित्त और भुगतान बैंक हैं; सहकारी बैंक सदस्यों के स्वामित्व में होते हैं। आरबीआई का 1949 में राष्ट्रीयकरण हुआ, भारतीय स्टेट बैंक 1955 में बना, 1969 में 14 और 1980 में छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ; विलयों के बाद 1 अप्रैल 2020 से 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक रह गए। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 1975 और 1976 के अधिनियम से हैं, जिनका स्वामित्व केंद्र, प्रायोजक बैंक और राज्य का 50:35:15 है। भुगतान बैंक प्रति ग्राहक ₹2 लाख तक जमा लेते हैं पर ऋण नहीं दे सकते; लघु वित्त बैंक मुख्यतः छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देते हैं। 2020 से डीआईसीजीसी हर बैंक में प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक की जमाओं का बीमा करता है।

किसी ऋण में ब्याज या मूलधन 90 दिनों से अधिक अतिदेय रहने पर वह अनर्जक आस्ति बन जाता है; उससे पहले वह एसएमए-0, एसएमए-1 और एसएमए-2 से गुज़रता है, और बाद में अवमानक, संदिग्ध और हानि श्रेणी में आता है। निवल एनपीए सकल एनपीए में से प्रावधान घटाकर मिलते हैं। 2010 के दशक में अटकी परियोजनाओं से दोहरे तुलन-पत्र की समस्या पैदा हुई (आर्थिक समीक्षा 2016-17); 2015 की आस्ति गुणवत्ता समीक्षा के बाद मार्च 2018 तक सकल एनपीए अनुपात 11 प्रतिशत से ऊपर चला गया। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (1993), आस्ति पुनर्निर्माण कंपनियों सहित सरफ़ेसी अधिनियम (2002) और दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (2016) वसूली के उपाय हैं; सितंबर 2025 में यह अनुपात 2.1 प्रतिशत था (आरबीआई वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट, दिसंबर 2025)।

प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार बैंक ऋण का एक भाग आठ श्रेणियों की ओर मोड़ता है, कृषि और एमएसएमई से लेकर शिक्षा, आवास और नवीकरणीय ऊर्जा तक। आरबीआई के 2025 के मास्टर निदेशों के अंतर्गत घरेलू बैंकों और 20 या अधिक शाखाओं वाले विदेशी बैंकों को एएनबीसी या सीईओबीई, जो भी अधिक हो, का 40 प्रतिशत उधार देना होता है, जिसमें 18 प्रतिशत कृषि, 7.5 प्रतिशत सूक्ष्म उद्यम और 12 प्रतिशत कमज़ोर वर्ग शामिल हैं; क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का लक्ष्य 75 प्रतिशत, और लघु वित्त तथा शहरी सहकारी बैंकों का 60 प्रतिशत है। कमी की राशि आरआईडीएफ जैसी कम प्रतिफल वाली निधियों में जाती है, और 2016 से बैंक ऋण हस्तांतरित किए बिना प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार प्रमाणपत्रों का व्यापार कर सकते हैं।

परीक्षा में ध्यान दें

पुनरावृत्ति

अभ्यास प्रश्न

Q1. भारत में ₹1 का करेंसी नोट निम्नलिखित में से किसके अधिकार से प्रचलन में लाया जाता है?

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक
  2. भारत सरकार
  3. भारतीय स्टेट बैंक
  4. भारत प्रतिभूति मुद्रण और मुद्रा निर्माण निगम अपने अधिकार से
उत्तर देखें

उत्तर: B. भारत सरकार

₹1 का नोट, सिक्कों की तरह, भारत सरकार जारी करती है। आरबीआई धारा 22 के अंतर्गत अन्य सभी बैंक नोट जारी करता है, भारतीय स्टेट बैंक एक वाणिज्यिक बैंक है जिसके पास जारी करने का अधिकार नहीं, और मुद्रण निगम केवल जारी करने वाले प्राधिकारियों के लिए नोट और सिक्के बनाता है।

Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बैंकों के पास रखी मीयादी जमाएँ M1 का भाग हैं।
2. M4, M1 की तुलना में मुद्रा का कम तरल माप है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

उत्तर: B. केवल 2

कथन 1 गलत है: मीयादी जमाएँ M3 में जुड़ती हैं, M1 में नहीं, जिसमें जनता के पास मुद्रा, माँग जमाएँ और आरबीआई के पास अन्य जमाएँ होती हैं। कथन 2 सही है। इसलिए 'केवल 1', 'दोनों' और 'न तो 1, न ही 2' गलत हैं।

Q3. यदि आरक्षित अनुपात 25 प्रतिशत हो और कोई अन्य रिसाव न हो, तो ₹2,000 की नई जमा से अधिकतम कितनी जमाएँ बन सकती हैं?

  1. ₹2,500
  2. ₹4,000
  3. ₹6,000
  4. ₹8,000
उत्तर देखें

उत्तर: D. ₹8,000

अधिकतम जमाएँ = 2,000 ÷ 0.25 = ₹8,000। ₹2,500 केवल एक-चौथाई जोड़ता है, ₹4,000 केवल दोगुना करता है, और ₹6,000 केवल नए ऋण गिनता है और पहली जमा छोड़ देता है।

Q4. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरक्षित नकदी निधि अनुपात बैंक आरबीआई के पास शेष के रूप में रखते हैं।
2. भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 वह कानून है जो सांविधिक चलनिधि अनुपात निर्धारित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2
  3. 1 और 2 दोनों
  4. न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें

उत्तर: A. केवल 1

कथन 1 सही है: सीआरआर आरबीआई अधिनियम की धारा 42 के अंतर्गत आरबीआई के पास नकद शेष है। कथन 2 गलत है: एसएलआर बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 24 से आता है। इसलिए 'केवल 2', 'दोनों' और 'न तो 1, न ही 2' गलत हैं।

Q5. किस वर्ष ₹200 करोड़ या अधिक जमा वाले छह और वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया?

  1. 1955
  2. 1969
  3. 1980
  4. 1991
उत्तर देखें

उत्तर: C. 1980

छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण 15 अप्रैल 1980 को हुआ। 1955 में भारतीय स्टेट बैंक बना, 1969 में ₹50 करोड़ या अधिक जमा वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ, और 1991 नरसिंहम समिति का वर्ष है, जिसने राष्ट्रीयकरण के बजाय सुधार की दिशा दिखाई।

Q6. निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. भुगतान बैंक — ऋण नहीं दे सकता
2. क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक — केंद्र, प्रायोजक बैंक और राज्य की शेयर पूँजी 50:35:15 के अनुपात में
3. डीआईसीजीसी — हर बैंक में प्रति जमाकर्ता ₹1 लाख का जमा बीमा
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. तीनों
  4. कोई नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: B. केवल दो

युग्म 1 और 2 सही हैं। युग्म 3 गलत है क्योंकि 4 फ़रवरी 2020 से बीमा ₹5 लाख है; ₹1 लाख पहले की सीमा थी। इसलिए 'केवल एक', 'तीनों' और 'कोई नहीं' गलत हैं।

Q7. आर्थिक समीक्षा 2016-17 ने भारत के डूबे ऋण संकट को 'दोहरे तुलन-पत्र की समस्या' कहा। यह शब्द किन दो प्रकार के तुलन-पत्रों की ओर संकेत करता था?

  1. आरबीआई और केंद्र सरकार
  2. बैंक और कॉरपोरेट उधारकर्ता
  3. परिवार और बैंक
  4. केंद्र और राज्य
उत्तर देखें

उत्तर: B. बैंक और कॉरपोरेट उधारकर्ता

आर्थिक समीक्षा 2016-17 ने यह शब्द अत्यधिक कर्ज़ वाली कंपनियों और उन्हें ऋण देने वाले बैंकों के लिए प्रयोग किया। यह आरबीआई और केंद्र, परिवारों, या केंद्र-राज्य वित्त के बारे में नहीं है।

Q8. 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी आरबीआई के प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र उधार निदेशों के अंतर्गत लघु वित्त बैंकों का कुल लक्ष्य क्या है?

  1. 40 प्रतिशत
  2. 60 प्रतिशत
  3. 75 प्रतिशत
  4. 18 प्रतिशत
उत्तर देखें

उत्तर: B. 60 प्रतिशत

लघु वित्त बैंकों का लक्ष्य अब 60 प्रतिशत है। 40 प्रतिशत घरेलू वाणिज्यिक बैंकों पर, 75 प्रतिशत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों पर (और संशोधन से पहले लघु वित्त बैंकों पर) लागू होता है, और 18 प्रतिशत कृषि का उप-लक्ष्य है।

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