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उद्देशिका
उद्देशिका क्या कहती है, यह कहाँ से आई, इसका एकमात्र संशोधन, और उच्चतम न्यायालय ने इसके बारे में क्या कहा है।
उद्देशिका संविधान की प्रस्तावना या परिचय है। एक ही वाक्य में यह चार बातें बताती है: संविधान को अधिकार कहाँ से मिलता है, भारत किस प्रकार का राज्य है, संविधान नागरिकों के लिए क्या प्राप्त करना चाहता है, और इसे किस तारीख को अपनाया गया।
यह "हम, भारत के लोग" से शुरू होती है। इसका अर्थ है कि संविधान को अपना अधिकार जनता से मिलता है। इसे किसी राजा या ब्रिटिश संसद ने नहीं दिया; जनता ने अपनी संविधान सभा के माध्यम से इसे स्वयं को दिया।
यह भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बताती है। संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न: भारत अपने आंतरिक और बाहरी मामले स्वयं तय करता है। समाजवादी: राज्य असमानता घटाने के लिए काम करता है। पंथनिरपेक्ष: राज्य का अपना कोई धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों से समान व्यवहार करता है। लोकतंत्रात्मक: सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है। गणराज्य: राष्ट्राध्यक्ष (राष्ट्रपति) चुना जाता है, वंशानुगत नहीं होता।
इसके बाद यह सभी नागरिकों के लिए चार उद्देश्य बताती है। न्याय: सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक। स्वतंत्रता: विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की। समता: प्रतिष्ठा और अवसर की। बंधुता: जो व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करे।
उद्देशिका उद्देश्य प्रस्ताव पर आधारित है, जिसे जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में रखा और सभा ने 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया। उद्देशिका सहित संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया। यह तारीख अब संविधान दिवस के रूप में मनाई जाती है। संविधान का अधिकांश भाग 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
उद्देशिका में अब तक केवल एक बार, 1976 में 42वें संशोधन द्वारा, बदलाव किया गया है। इसने "समाजवादी" और "पंथनिरपेक्ष" शब्द जोड़े, और "राष्ट्र की एकता" को बदलकर "राष्ट्र की एकता और अखंडता" किया। नवंबर 2024 में उच्चतम न्यायालय ने इन शब्दों को जोड़े जाने को चुनौती देने वाली याचिकाएँ खारिज कर दीं (डॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ)।
क्या उद्देशिका संविधान का भाग है? बेरूबाड़ी यूनियन मामले (1960) में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि नहीं। केशवानंद भारती मामले (1973) में न्यायालय ने यह मत बदल दिया: उद्देशिका संविधान का भाग है और इसमें संशोधन हो सकता है, पर इस तरह नहीं कि मूल ढांचा नष्ट हो। एलआईसी ऑफ इंडिया मामले (1995) ने पुष्टि की कि यह संविधान का भाग है। उद्देशिका न्यायालय द्वारा अप्रवर्तनीय है: कोई न्यायालय इसे सीधे लागू नहीं करा सकता, पर अस्पष्ट प्रावधानों की व्याख्या में इसका उपयोग होता है।
परीक्षा में ध्यान दें
- उद्देशिका में एक बार संशोधन हुआ है (42वाँ संशोधन, 1976), न कभी नहीं, न दो बार।
- स्वतंत्रता में विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना शामिल हैं। 'आर्थिक स्वतंत्रता' इस सूची में नहीं है; 'आर्थिक' केवल न्याय के अंतर्गत आता है।
- समता प्रतिष्ठा और अवसर की है, आय की नहीं।
- 26 नवंबर 1949 अंगीकरण की तारीख है; 26 जनवरी 1950 को संविधान का अधिकांश भाग लागू हुआ।
- बेरूबाड़ी (1960) ने कहा 'भाग नहीं'; केशवानंद भारती (1973) ने कहा 'भाग है'। बाद वाला निर्णय ही वर्तमान स्थिति है।
पुनरावृत्ति
- अधिकार का स्रोत: भारत के लोग।
- राज्य का स्वरूप: संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य।
- उद्देश्य: न्याय, स्वतंत्रता, समता, बंधुता।
- उद्देश्य प्रस्ताव पर आधारित (13 दिसंबर 1946 को रखा गया, 22 जनवरी 1947 को स्वीकृत); 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत।
- एक बार संशोधित: 42वाँ संशोधन, 1976 (समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता)।
- संविधान का भाग (केशवानंद भारती, 1973), मूल ढांचे की सीमा में संशोधनीय, और न्यायालय द्वारा अप्रवर्तनीय।
अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित में से कौन-से शब्द 42वें संशोधन, 1976 द्वारा उद्देशिका में जोड़े गए?
1. समाजवादी
2. पंथनिरपेक्ष
3. अखंडता
4. गणराज्य
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 3
- केवल 2, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
उत्तर: B. केवल 1, 2 और 3
42वें संशोधन ने 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' जोड़े। 'गणराज्य' मूल उद्देशिका में पहले से था।
Q2. उद्देशिका निम्नलिखित में से किसकी स्वतंत्रता का वचन देती है?
1. विचार
2. अभिव्यक्ति
3. आर्थिक गतिविधि
4. उपासना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- केवल 1 और 2
- केवल 1, 2 और 4
- केवल 2, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
उत्तर: B. केवल 1, 2 और 4
उद्देशिका में स्वतंत्रता विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की है। आर्थिक स्वतंत्रता सूचीबद्ध नहीं है।
Q3. किस मामले में उच्चतम न्यायालय ने माना कि उद्देशिका संविधान का भाग है और मूल ढांचे को बदले बिना इसमें संशोधन किया जा सकता है?
- बेरूबाड़ी यूनियन मामला (1960)
- केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)
- एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)
- डॉ. बलराम सिंह बनाम भारत संघ (2024)
उत्तर देखें
उत्तर: B. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)
केशवानंद भारती (1973) ने बेरूबाड़ी के मत को पलटा और संशोधन पर मूल ढांचे की सीमा तय की।
Q4. उद्देशिका के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इसे 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किया गया।
2. इसे सीधे न्यायालय में लागू कराया जा सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 2
- 1 और 2 दोनों
- न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
उत्तर: A. केवल 1
उद्देशिका 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुई। यह न्यायालय द्वारा अप्रवर्तनीय है: न्यायालय प्रावधानों की व्याख्या में इसका उपयोग करते हैं, पर इसे सीधे लागू नहीं कराते।
Q5. उद्देशिका के शब्द "हम, भारत के लोग" यह दर्शाते हैं कि:
- केवल भारत के नागरिक मतदान कर सकते हैं
- संविधान को अपना अधिकार जनता से मिलता है
- भारत राज्यों का संघ है
- संविधान सभा प्रत्यक्ष रूप से चुनी गई थी
उत्तर देखें
उत्तर: B. संविधान को अपना अधिकार जनता से मिलता है
आरंभिक शब्द अधिकार के स्रोत को बताते हैं: भारत के लोग। संविधान सभा वास्तव में प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी गई थी।
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ऐप में पढ़ें →स्रोत
- Constitution of India, Preamble (as amended) — https://legislative.gov.in/constitution-of-india/
- Constitution (Forty-second Amendment) Act, 1976, section 2 — https://www.indiacode.nic.in
- Constituent Assembly Debates, 13 December 1946 and 22 January 1947 — https://eparlib.nic.in
- In re Berubari Union (1960); Kesavananda Bharati v. State of Kerala (1973); LIC of India v. Consumer Education & Research Centre (1995) — https://main.sci.gov.in
- Dr. Balram Singh & Ors. v. Union of India, 2024 INSC 893 (25 November 2024) — https://main.sci.gov.in